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Atul Kumar | Blogs

Mein-Wo aur Metro

मैं-वो और मेट्रो...

मैं-वो और मेट्रो...
नबंवर महीने की जयपुर की वो गुनगुनाती और गुलाबी सी सुबह थी। और सुबह के लगभग 8 बज चुके थे। और अलार्म बार बार चीखकर अपना वक़्त बता रहा था। एक लड़का तकरीवन 24 -25 साल का, चेहरे पर एक अलग सी कशिश और ख़ामोशी लिए और वो लड़का जल्दी जल्दी अपने कॉलेज जाने के लिए तैयार होता है। और घर के नजदीक मेट्रो स्टेशन से, सुबह के 8:40 की मेट्रो पकड़ता है। काफी भीड़ और रोजमर्रा की तरह मेट्रो में, ऑफिस और कॉलेज जाने वालों की भीड़ में उसे भी जगह मिल जाती है। लड़के के बैग में हमेशा एक स्पाइरल डायरी हुआ करती थी। और इसी प्रकार एक छोटा सा सफर शुरू हो जाता है।, ...रोजाना की तरह रागिनी भी उसी रास्ते से मेट्रो पकड़ती है। जिसके चंचलपन, कॉलेज गोइंग गर्ल कि बजह से कॉलेज और घर में लोगों से घिरी रहती थी। उसकी आँखों में एक अजीब समुन्दर सी गहराई, शायद उसके शब्द बोल ही नहीं पाते होंगे। आँखें ही दिल की जुवां होंगी। ...हमेशा की तरह मेट्रो के अंदर जाने के बाद सीट के लिए जदो-जहद। और लड़के का सामना इत्तेफाकन रोज रागिनी से हुआ करता था। शायद ऊपर वाले को यही मजूर था। वो लड़का रागिनी की आँखों में देखता, और अप…
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Digitalization ke daur me Digital Loktantra kyun nahi?

डिजिटलाईजेशन के दौर में “डिजिटल लोकतंत्र” क्यों नहीं?
भारत दुनिया का सातवा (क्षेत्रफल में) और दूसरा (जनसंख्या में) सबसे बड़ा देश है। भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओ में से एक है, फिर भी ये एक युवा राष्ट्र है। अठारहवीं सदी के मध्य में यूरोपीय शक्तियों द्वारा अपने उपनिवेश की स्थापना तक इसके बहुत से इतिहास मुग़ल और राजपूत के अधीन में रहे हैं। 1947 की आजादी के बाद मतदाताओं दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को इसके राष्ट्रवादी के आंदोलन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व के तहत बनाया गया था। संसद का चुनाव हर 5 साल में एक बार आयोजित किया जाता है। वर्तमान में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के मुखिया है। लोकतंत्र सरकार की एक प्रणाली है जो नागरिको को वोट देने और अपनी पसंद की सरकार का चुनाव करने की अनुमति देती है। आजकल राजनीतिक पार्टियों का चुनाव के बाद वोटिंग मशीन पर सवाल उठाना मानो बहुत ही आसान हो गया है। और फिर हो भी क्यों न भारत एक ऐसा देश है। जिसमे देश की प्रत्येक नागरिक को अपनी बात कहने का अधिकार है।  परन्तु यदि हम डिजिटल भारत को सफलतापूर्वक आगे लेकर जाना चाहते हैं। तो हमे प्रत्येक स्तर…

Digitalization ke daur me Digital Loktantra kyun nahi?

डिजिटलाईजेशन के दौर में “डिजिटल लोकतंत्र” क्यों नहीं?
भारत दुनिया का सातवा (क्षेत्रफल में) और दूसरा (जनसंख्या में) सबसे बड़ा देश है। भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओ में से एक है, फिर भी ये एक युवा राष्ट्र है। अठारहवीं सदी के मध्य में यूरोपीय शक्तियों द्वारा अपने उपनिवेश की स्थापना तक इसके बहुत से इतिहास मुग़ल और राजपूत के अधीन में रहे हैं। 1947 की आजादी के बाद मतदाताओं दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को इसके राष्ट्रवादी के आंदोलन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व के तहत बनाया गया था। संसद का चुनाव हर 5 साल में एक बार आयोजित किया जाता है। वर्तमान में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के मुखिया है। लोकतंत्र सरकार की एक प्रणाली है जो नागरिको को वोट देने और अपनी पसंद की सरकार का चुनाव करने की अनुमति देती है। आजकल राजनीतिक पार्टियों का चुनाव के बाद वोटिंग मशीन पर सवाल उठाना मानो बहुत ही आसान हो गया है। और फिर हो भी क्यों न भारत एक ऐसा देश है। जिसमे देश की प्रत्येक नागरिक को अपनी बात कहने का अधिकार है।  परन्तु यदि हम डिजिटल भारत को सफलतापूर्वक आगे लेकर जाना चाहते हैं। तो हमे प्रत्येक स्तर…

Wo pagli si diwani si...

वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है...
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है, 
आहट उसकी, जैसे दिल में हलचल सी कर जाती है, 
झुकी नजर उसकी, जैसे मुझको पागल कर जाती है, 
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।

आइना है उसकी नज़रें, जो सबकुछ बतलाती है, 
वो है पागल, जो दिल को झुटा बतलाती है, 
लगती है प्यारी, जब खुद ही वो शर्माती है, 
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।

कहता है जमाना कि, वो तो पागल है, 
वे-वजह, जब-जब वो मुस्कुराती है, 
जमाने को क्या पता, कि वो मुझसे क्यों शर्माती है, 
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।

जब आँखें मेरी मदहोश चेहरे से उसके, मिलकर आती हैं, 
काश वो समझ पाती कि, कितना मुझको वो तड़पाती हैं, 
खो गया गया हूँ मुझसे मै, न नींद मुझको अब आती है, 
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।....


                                                                 - अतुल कुमार                                             


Taaruf (तआरुफ़)

Ta'aruf
Ta'aruf (तआरुफ़) is a beautiful poetry collection, it also contain a short story about love. This Book is written by Atul Kumar (Author) and Author Amol and this is India’s first poetry collection, in which a Student & a Professor penned different shades of emotions together about love and life journey.
Ta'aruf (Book) AuthorAtul Kumar, Author AmolThemePoetryLanguageHindiPublisherBlue Rose PublisherGenrePoetry