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Quotes

Atul Kumar Quotes




"If you have curiosity to live the life that comes after success. Then nobody can stop you from succeeding."
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"Opportunities like an OTP's 0f your life. If you didn't fix it on a correct place in a correct time.............It will expired."
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"Life is like an incomplete map, in which we have to complete it and also find our own destination."
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"If you want success, then create your own pathway with your own planning."
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"Dreams are not only for sharing. These are some aspects of life, who constantly engaged in connecting you with yourself."
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"Every track of life is crooked, but walking on that track depends on us."
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"Our life is like an buffering videos. If you want to see it, in HD quality, then you have to wait."
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"Every Successful track don't reach success. Success depends on the person who is walking on that track."
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देश बदल रहा है। मानवता भी?

देश बदल रहा है। मानवता भी?


हम सभी को बचपन से पढ़ाया व सिखाया गया है। कि परिवर्तन प्रकृति का एक नियम है। जो कि हमारे जीवन मे बहुत महत्व रखता है। फिर चाहे वो परिवर्तन हमारे व्यक्तिगत जीवन का हो या फिर हमारे समाज से संबंधित हो। सबका अपना एक महत्व है। जो कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हमे प्रभावित जरूर करता है। साथ ही हमारे जीवन मे भी प्रभाव डालता है।
यदि इतिहास से वर्तमान तक देखा जाए तो समाज में व हमारे व्यक्तिगत जीवन में बहुत सारे बदलाव आए है। जिसमे से कुछ हमारे लिए अच्छे हैं तो कुछ चुनोतियाँ बनकर हमारे सामने भी खड़े हैं। और हमसे जबाब मांग रहे है। क्यों कि कहीं न कहीं हम ही उन बदलाब के लिये जिम्मेदार हैं। 
यदि वर्तमान में हमारे भारत देश की बात करें तो बहुत कुछ बदल रहा है। और बहुत कुछ बदल जा चुका है। जिसके परिणाम भलीभाँति, हम अपने आसपास और समाज में देख रहे हैं। ऐसे ही कुछ बदलाव देखकर खुशी होती है। तो वहीं कुछ दुःखद भी हैं। जो कि चुनौती बनकर हमारे सामने खड़े हैं। और जबाब मांग रहे हैं। जिनमे जातिवाद, धर्म, मानवता, मानसिकता इत्यादि शामिल हैं।
आइये ऐसे ही कुछ उदाहरणो से मिलते हैं। और गलतियां …

Wo pagli si diwani si...

वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है...
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है, 
आहट उसकी, जैसे दिल में हलचल सी कर जाती है, 
झुकी नजर उसकी, जैसे मुझको पागल कर जाती है, 
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।

आइना है उसकी नज़रें, जो सबकुछ बतलाती है, 
वो है पागल, जो दिल को झुटा बतलाती है, 
लगती है प्यारी, जब खुद ही वो शर्माती है, 
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।

कहता है जमाना कि, वो तो पागल है, 
वे-वजह, जब-जब वो मुस्कुराती है, 
जमाने को क्या पता, कि वो मुझसे क्यों शर्माती है, 
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।

जब आँखें मेरी मदहोश चेहरे से उसके, मिलकर आती हैं, 
काश वो समझ पाती कि, कितना मुझको वो तड़पाती हैं, 
खो गया गया हूँ मुझसे मै, न नींद मुझको अब आती है, 
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।....


                                                                 - अतुल कुमार                                             


Mein-Wo aur Metro

मैं-वो और मेट्रो...

मैं-वो और मेट्रो...
नबंवर महीने की जयपुर की वो गुनगुनाती और गुलाबी सी सुबह थी। और सुबह के लगभग 8 बज चुके थे। और अलार्म बार बार चीखकर अपना वक़्त बता रहा था। एक लड़का तकरीवन 24 -25 साल का, चेहरे पर एक अलग सी कशिश और ख़ामोशी लिए और वो लड़का जल्दी जल्दी अपने कॉलेज जाने के लिए तैयार होता है। और घर के नजदीक मेट्रो स्टेशन से, सुबह के 8:40 की मेट्रो पकड़ता है। काफी भीड़ और रोजमर्रा की तरह मेट्रो में, ऑफिस और कॉलेज जाने वालों की भीड़ में उसे भी जगह मिल जाती है। लड़के के बैग में हमेशा एक स्पाइरल डायरी हुआ करती थी। और इसी प्रकार एक छोटा सा सफर शुरू हो जाता है।, ...रोजाना की तरह रागिनी भी उसी रास्ते से मेट्रो पकड़ती है। जिसके चंचलपन, कॉलेज गोइंग गर्ल कि बजह से कॉलेज और घर में लोगों से घिरी रहती थी। उसकी आँखों में एक अजीब समुन्दर सी गहराई, शायद उसके शब्द बोल ही नहीं पाते होंगे। आँखें ही दिल की जुवां होंगी। ...हमेशा की तरह मेट्रो के अंदर जाने के बाद सीट के लिए जदो-जहद। और लड़के का सामना इत्तेफाकन रोज रागिनी से हुआ करता था। शायद ऊपर वाले को यही मजूर था। वो लड़का रागिनी की आँखों में देखता, और अप…